Author: JAIPUR NEWS

  • उत्तर प्रदेश के कानपुर में दो सामूदायो के बीच हुई पत्थर बाजी #viralnews #kanpur #kanpurnews

  • ऑपरेशन महिला सुरक्षा

    अखिल भारतीय अभियान “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” के दौरान रेलवे सुरक्षा बल ने 150 लड़कियों/महिलाओं को सुरक्षित बचाया

    महिलाओं की सुरक्षा हमेशा भारतीय रेलवे के लिए सर्वोपरि रही है। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और रेलवे के अग्रिम पंक्ति कर्मचारी भारतीय रेलों में महिलाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए अथक प्रयास कर रहे हैं। महिला सुरक्षा के इस उद्देश्य को समर्पित एक अखिल भारतीय अभियान “ऑपरेशन महिला सुरक्षा” पिछले महीने 3 से 31 मई 2022 तक चलाया गया था।

    इस अभियान के दौरान आरपीएफ ने महिलाओं के लिए आरक्षित कोचों में अनाधिकृत रूप से यात्रा करने वाले 7000 से अधिक व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ ने 150 लड़कियों/महिलाओं को मानव तस्करी का शिकार होने से भी बचाया।

    ट्रेनों से यात्रा करने वाली महिला यात्रियों को उनकी पूरी यात्रा के दौरान बढ़ी हुई और बेहतर सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से एक अखिल भारतीय पहल “मेरी सहेली” भी जारी  है। प्रशिक्षित महिला अधिकारियों और कर्मियों की 283 टीमें (223 स्टेशनों को समाहित करते हुए) प्रतिदिन औसतन कुल 1125 महिला आरपीएफ कर्मियों की तैनाती के साथ, भारतीय रेलवे में कार्यरत हैं और जिन्होंने इस अवधि के दौरान 2 लाख 25 हजार से अधिक महिलाओं के साथ बातचीत की और उन्हें अंत तक सुरक्षा प्रदान की I

    इस अवधि के दौरान पुरुष और महिला आरपीएफ कर्मियों की मिश्रित संरचना के साथ ट्रेन एस्कॉर्ट ड्यूटी भी व्यापक रूप से लगाईं गई थी। मिश्रित एस्कॉर्ट ड्यूटी कुछ महीने पहले शुरू हुई है और इसे सकारात्मक प्रतिक्रिया मिल रही है।

    रेल उपयोगकर्ताओं को उनकी यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा और ‘क्या करें और क्या न करें‘ के बारे में शिक्षित करने के लिए 5742 जागरूकता अभियान भी चलाए गए। महीनेभर की अवधि वाले इस लंबे अभियान के दौरान आरपीएफ कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालते हुए ऐसी 10 महिलाओं की जान बचाई जो ट्रेन में चढ़ते/उतरते समय फिसल गई थीं और जिनके चलती ट्रेन के पहियों के नीचे आ जाने की पूरी आशंका थी।

    भारतीय रेलवे अपने रेलवे नेटवर्क पर महिला सुरक्षा आवरण को बढ़ाने के लिए तत्पर और दृढ़प्रतिज्ञ है। संपादक अमजद खान 7737 37 64 13

  • जयपुर पुलिस का बड़ा एक्शन बदमाशों को कर रही है गिरफ्तार #jaipurpolice #crime #ciminal #viralnews


  • मादक पदार्थ 84 किलोग्राम डोडाचूरा जप्त,
    तीन आरोपी गिरप्तार,
    एक सफेद रंग की महेन्द्रा पिकअप RJ32GA3377 जप्त,
    दो एन्ड्राॅइड मोबाईल फोन जप्त,
    कुल कीमती 4,90,000 रू

    नीमच पुलिस अधीक्षक श्री सुरज कुमार वर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री सुन्दरसिंह कनेश एंव अनुविभागीय अधिकारी जावद श्री रामतिलक मालवीय के मार्गदर्शन मे तथा थाना प्रभारी सिंगोली निरीक्षक आरसी दांगी के नेतृत्व मे सिंगोली पुलिस टीम द्वारा अवैध मादक पदार्थ की तस्करी एवं नशे के विरूद्ध चलाये जा रहे विशेष अभियान के अंतर्गत 84 किलोग्राम डोडाचूरा जप्त किया जाकर तीन तस्कर को गिरप्तार करने मे सफलता प्राप्त की है।
    दिनांक 30.05.2022 को मुखबिर सूचना मिली कि रामदयाल पिता प्रभुलाल मीणा निवासी परलई व रघुवीर पिता छीतरमल धाकड निवासी परलई अपनी सफेद रंग की महेन्द्रा पिकअप RJ32GA3377 मे अवैध मादक पदार्थ अफीम का डोडाचूरा बोरो मे भरकर ग्राम कबरिया-प्रेमपुरा जंगल से ग्राम टिमरिया राजस्थान तरफ किसी तस्कर को देने जाने वाले है। मुखबिर सूचना पर सिंगोली पुलिस द्वारा यात्री प्रतिक्षालय ग्राम प्रेमपुरा पर आरोपीगण रामदयाल पिता प्रभुलाल मीणा उम्र 29 साल निवासी परलई व रघुवीर पिता छीतरमल धाकड उम्र 28 साल निवासी परलई के कब्जे से 84 किलोग्राम डोडाचूरा जप्त किया जाकर एनडीपीएस एक्ट के अज्ञापक प्रावधानो का पालन करते हुऐ आरोपीगणो को मौके पर गिरप्तार किया बाद मौके पर आरोपीगणो से पूछताछ पर बताया कि उक्त डोडाचूरा कबरिया-प्रेमपुरा के जंगल से पीरू पिता हजारी लौहार निवासी परलई ने भरवाया था बाद ग्राम परलई मे दबिश दी जाकर आरोपी पीरू पिता हजारी लौहार उम्र 22 साल निवासी परलई को गिरप्तार किया जाकर उक्त आरोपी को भी सह आरोपी बनाया गया। उपरोक्त आरोपीगणो के विरूद्ध धारा 08/15,29 एनडीपीएस एक्ट का अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की जा रही है। प्रकरण मे डोडाचूरा के संबंध मे आरोपीगणो से पूछताछ की जा रही हैै व आरोपीगणो को कल दिनांक को माननीय न्यायालय पेश किया जाकर पुलिस रिमाण्ड लिया जायेगा।
    जप्त मश्रुका- 01. 84 किलोग्राम डोडाचूरा कीमती 1,68,000 रू,

    1. सफेद रंग की पिकअप RJ32GA3377 कीमती 3,00,000 रू
    2. दो एन्ड्राॅइड मेाबाईल कीमत 22000 रू

    नाम आरोपीगणः-01. रामदयाल पिता प्रभुलाल मीणा उम्र 29 साल निवासी परलई

    1. रघुवीर पिता छीतरमल धाकड उम्र 28 साल निवासी परलई
    2. पीरू पिता हजारी लौहार उम्र 22 साल निवासी परलई

    सराहनीय कार्य- उक्त कार्य मे निरी आरसी दाँगी, सउनि रूघनाथ सिंह, प्रआर 315 मनोज ओझा,प्रआर 218 कन्हैयालाल, आर 115 मदन शर्मा, आर 523 देवीराम गुर्जर, आर 197 विजेश कुमावत, आर0 436 भानुप्रतापसिंह भाटी टीम की सराहनीय भूमिका रही। संपादक अमजद खान 7737 37 64 13

  • तलाक से पहले बच्चों सहित 10 दिन साथ रहने की शर्त पर नेपाल गया था भारतीय परिवार, विमान हादसे में सभी की डेथ

    संवाददाता बाबू अंसारी

    महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले अशोक कुमार त्रिपाठी और उनकी अलग रह रहीं पत्नी वैभवी के मिलन का नेपाल में हुई विमान दुर्घटना के साथ ही दर्दनाक अंत हो गया, जिसमें दंपत्ति और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। कुछ समय पहले पति और पत्नी के बीच तलाक हो गया। फैमिली कोर्ट ने पति अशोक कुमार त्रिपाठी को साल में एक बार परिवार से मिलने का ऑर्डर दिया। ऑर्डर के अनुसार अशोक 10 दिन के लिए बच्चों के साथ परिवार से मिल सकते थे।अशोक त्रिपाठी का वैभवी बांदेकर से प्रेम विवाह हुआ था। कापुरबावडी पुलिस स्टेशन के सीनियर पीएआई उत्तम सोनवणे के मुताबिक, अशोक और वैभवी का कोर्ट में तलाक का मामला चल रहा था। ओडिशा में एक कंपनी चलाने वाले 54 वर्षीय अशोक त्रिपाठी और ठाणे के पड़ोसी शहर मुंबई में बीकेसी में स्थित एक कंपनी में काम करने वाली 51 वर्षीय वैभवी बांडेकर त्रिपाठी कोर्ट के आदेश के बाद अलग-अलग रहने लगे थे।कोर्ट ने अशोक को बच्चों के साथ साल में दस दिन रहने की अनुमति दी थी। 22 वर्षी धनुष और 18 वर्षीय ऋतिका, दोनों बच्चे वैभवी के साथ रहते थे। इसलिए कोर्ट के फैसले के तहत हर साल पूरे परिवार को 10 दिन साथ बिताने को कहा गया था। इसी के चलते वे सब तीन दिन पहले नेपाल गए थे, सभी नेपाल के पोखरा स्थित एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन रविवार को पूरा परिवार हादसे की चपेट में आ गया।अशोक के 5 भाई-बनहों में वे चौथे नंबर पर थे। उनके घर के बाकी लोग पुणे में रहते हैं। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरा परिवार देर रात ठाणे पहुंचा था। अशोक के पिता डिस्ट्रिक्ट जज रहे हैं। 11 साल पहले उनका निधन हो चुका है। 2020 में उनकी मां का भी निधन हो गया था। अशोक 26 मई को मुंबई आए थे और यह परिवार यहां से नेपाल के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि अशोक के एक चचेरे भाई भी इस ट्रीप पर जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने आखिरी वक्त में अपना प्लान बदल लिया था।तो वहीं वैभवी अपनी बिमार मां और बच्चों के साथ तलाक के बाद ठाणे-नासिक हाईवे स्थित रुस्तम जी एथीना में अपने दोनों बच्चों के साथ रह रही थी। बेटा धनुष इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और बेटी रितिका स्कूल में है। वैभवी की मां की तबीयत अक्सर खराब रहती है। वो वेंटिलेटर पर हैं और एक केयर टेकर उनकी देखभाल करता है। अपनी मां की देखभाल के लिए वैभवी उनके साथ रह रहीं थी। वैभवी के नेपाल घूमने जाने के बाद उनकी बड़ी बहन संजीवनी अपनी मां की देखभाल करने के लिए गई थीं। बताते चलें तारा एअर के ट्विन ओट्टर 9N-AET विमान ने पोखरा से रविवार सुबह करीब 10 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन 15 मिनट के बाद ही विमान का नियंत्रअ टॉवर से संपर्क टूट गया। विमान में इस भारतीय परिवार के साथ-साथ, दो जर्मन और 13 नेपाली नागरिकों सहित कुल 22 लोग सवार थे। कनाडा में निर्मित ये विमान पोखरा से मध्य नेपाल स्थित मशहूर पर्यटक शहर जोमसोक की ओर जा रहा था। मगर अचानक ये विमान लापता हो गया।नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक मुस्तांग जिले के थसांग-2 में 14,500 फुट की ऊंचाई पर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल की सेना ने सोमवार को बताया कि रविवार सुबग दुर्घटनाग्रसत हुए यात्री विमान का मलबा उत्तर-पश्चिमिी नेपाल के मुस्तांग जिले के थसांग-2 स्थित सनोसवेयर में मिला। यह विमार करीब 20 घंटे से लापता था।स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार, तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के चलते लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान लांखु नदी के उद्गम स्थल के पास पहाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ और कई हिस्सों में टूटकर बिखर गया। संपादक अमजद खान 7737 37 64 13

  • किसान नेता राकेश  टिकेत  पर  फेन्की   युवक ने सियाही #kisan #kisanunion #jaipurs #banglore

  • नेपाल तारा एयरलाइंस की विमान लापता#jaipurpolice #airlines #lapatata #nepal #nepali

  • मौत की वजह का खुलासा व्हाट्स एप स्टेटस से दूदू कुएं में मिले एक ही परिवार के पाँच शवों की मरने की दास्तान

    संवाददाता बाबू अंसारी

    जयपुर। दूदू के मीणा मोहल्ले से लापता हुई तीन सगी बहनों में से एक मृतका ने मरने से पहले अपने मोबाइल पर दो स्टेटस लगाए थे। इनमें मृतका ने लिखा: मरना नहीं चाहते, लेकिन ऐसे जीने से मरना अच्छा है। मृतका के स्टेटस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। गौरतलब है कि लापता तीनों बहनेां और उनके दो बच्चों के शव शनिवार सुबह घर से दो किलोमीटर दूर नरैना रोड पर एक खेत में बने कुएं में मिले हैं। मृतकों में एक नवजात व चार साल का बच्चा भी शामिल है। वहीं मृतक तीन सगी बहनों में से दो गर्भवती थी।पुलिए ने बताया कि मृतक कालू देवी पत्नी नरसिंह लाल (27), ममता मीणा पत्नी जगदीश उर्फ गोरू (23) व कमलेश मीणा पत्नी मुकेश (20) सहित कालू देवी के चार साल का बेटा हर्षित और 25 दिन के नवजात हैं।मृतक तीनो बहनों में सबसे छोटी बहन कमलेश ने घर से निकलने के बाद 2 बज कर 8 मिंट ओर 2 बज कर 27 मिनट पर स्टेटस लगाकर लिखा कि : हमारे पांचों के मरने का कारण हमारे ससुराल वाले हैं, हम मरना नही चाहते पर इनके शोषण से अच्छी मौत है। इस सब में हमारे मां—पापा की कोई गलती नहीं है। वहीं दूसरे स्टेटस में लिखा हम जा रहे बे अब खुश रहना। हमारे मरने का कारण हमारे ससुराल वाले हैं। रोज—रोज मारने से अच्छा हम मिलकर मर रहे हैं। हे भगवान अगले जन्म में हम बहनों को एक साथ जन्म देना। परिवार वाले चिंता ना करें।एक ही चिता पर पांचों का अंतिम संस्कारपोस्टमार्टम के बाद शनिवार शाम छप्या गांव स्थित पीहर में तीनों बहनों व दो बच्चों का एक ही चिता पर अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान एसपी मनीष अग्रवाल को मृतक महिलाओं के भाई बनवारी ने ससुराल पक्ष के लोगों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराने का परिवाद दिया है। संपादक अमजद खान 7737376413

  • एक ही परिवार के पांच सदस्यों के शव कुएं में मिले, तीन बहनें थीं और दो बच्चे… कोहराम मचा

    जयपुर ग्रामीण इलाके में स्थित दूदू थाना क्षेत्र में आज सवेरे एक खेत मे बने कुएं से पांच शव मिले। तीन महिलाओं और दो बच्चों के इन शवों को गांव वालोें ने तुंरत पहचान लिया। दो दिन पहले गांव से ही लातपा हुई तीन सगी बहनों और उनके दो बच्चों के ये शव थे। पाचों शव कुएं से निकाले गए तो सनसनी फैल गई। पुलिस अफसर मौके लिए दौड़े और जन प्रतिनिधी भी वहां आ पहुंचे।पूरा गांव कुएं के पास जमा हो गया। इस घटना के बाद पूरे गांव में एक चर्चा थी कि तीनों बहनों ने बच्चों को मारकर खुद की जान क्यों दे दी। पुलिस ने शवों को बाहर निकलवाया और उसके बाद उन्हें मुर्दाघर में रखवाया गया। दूदू पुलिस इस मामले की जांच कर रही है । प्राथमिक जांच के आधार पर फिलहाल इसे सुसाइड़ ही माना जा रहा है, लेकिन उसके बाद भी हर पहलू की जांच पुलिस कर रही है।20, 23 और 27 साल की थी तीन बहनें, बीस दिन और चार साल का बच्चा भी था दूदू पुलिस ने बताया कि दो दिन पहले दोपहर के समय थाना इलाके में स्थित एक गांव से एक ही परिवार के पांच सदस्य लापता हो गए थे। इनमें 27 साल की कालू देवी मीणा, छोटी बनह 23 साल की ममता मीणा और सबसे छोटी बहन 20 साल की कमलेश मीणा थी। तीनों बहने अपने चार साल के बच्चे और बीस दिन के दूसरे बच्चे को लेकर दोपहर के समय बाजार जाने की कहकर निकली थीं।लेकिन शाम तक नहीं लौटी। परिवार वालों ने तलाश शुरु की। रात तक भी वापस नहीं आई तो पुलिस और जन प्रतितनिधयों को इसकी सूचना दी। मामला गंभीर था तो पुलिस ने भी पूरे शहर में फोटो सर्कुलेट कर दिए। तलाश चल रही रही थी कि आज सवेरे पांचों के शव गांव के ही एक खेत मे स्थित कुंए से मिले। पुलिस ने बताया कि शव करीब दो दिन पुराने लग रहे हैं। शरीर फूल गए हैं। सुसाइड या हत्या की गुत्थी के बीच फिलहाल पुलिस जांच कर रही हैं उधर शवों के मिलने के बाद परिवार में कोहराम मच गया है। संपादक अमजद खान 7737376413

  • अजमेर की ख्वाजा साहब की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा, पुलिस जाप्ता तैनात

    अजमेर। ज्ञानवापी मस्जिद में शिवलिंग के विवाद का साया अजमेर की ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह तक पहुंच गया। दिल्ली स्थित महाराणा प्रताप सेना ने दरगाह में भी हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा किया। इससे गुरुवार को हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारी दरगाह पहुंचे। मामला संवेदनशील होने के कारण दरगाह में अतिरिक्त पुलिस जाप्ता तैनात किया गया है।दिल्ली स्थित महाराणा प्रताप सेना द्वारा ट्वीट कर सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में हिन्दू प्रतीक चिन्ह होने का दावा किया गया। इसमें कथित तौर पर हिन्दू देवी-देवताओं से जुड़े चिन्ह बताए गए। ज्यों ही इसकी सूचना प्रशासन तक पहुंची एकाएक हड़कंप मच गया। जिला कलक्टर अंशदीप के निर्देश पर एडीएम सिटी भावना गर्ग तत्काल दरगाह पहुंची। उनके अलावा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण वैभव शर्मा सहित अन्य भी पहुंचे।महाराणा प्रताप सेना ने यह दावा किया है कि ख्वाजा साहब की दरगाह के स्थान पर पहले एक शिव मंदिर था। प्रताप सेना ने एक फोटो भी जारी किया है, फोटो को दरगाह की खिड़कियों का बताया जा रहा है। उन खिड़कियों पर स्वस्तिक के निशान बने हुए हैं। इसको लेकर सेना ने सीएम गहलोत और केंद्र में मोदी सरकार को भी पत्र लिखा है।अतिरिक्त जाप्ता तैनात यूं तो दरगाह की सुरक्षार्थ हाड़ी रानी बटालियन तैनात है। लेकिन संवेदनशील मामला होने से प्रशासन ने तत्काल पुलिस का अतिरिक्त जाप्ता तैनात किया। प्रशासनिक और पुलिस टीम ने दरगाह परिसर का जायजा लिया। साथ ही लोगों को शांति और धैर्य रखने की अपील की।विश्व प्रसिद्ध है दरगाह सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह विश्व प्रसिद्ध है। ख्वाजा साहब 11 वीं शताब्दी में ईरान के संजर प्रांत से अजमेर आए थे। उन्होंने अजमेर में रहकर इबादत की थी। प्रतिवर्ष रजब माह में छह दिन तक उनका सालाना उर्स भरता है। इसमें भारत सहित विभिन्न देशों के जायरीन शिरकत करते हैं। दरगाह परिसर में ख्वाजा साहब की पत्नी सहित कई लोगों की मजार है।अजमेर की सूफीयत की शुरुआत दुनिया में सूफीवाद की शुरुआत अजमेर से मानी जाती है। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती ही सूफीवाद के जनक माने जाते हैं। उनके बाद हजरत निजामुद्दीन औलिया, ख्वाजा कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी सहित अन्य संतों ने सूफी विचार धारा को आगे बढ़ाया। संपादक अमजद खान 7737 37 64 13

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