तलाक से पहले बच्चों सहित 10 दिन साथ रहने की शर्त पर नेपाल गया था भारतीय परिवार, विमान हादसे में सभी की डेथ

संवाददाता बाबू अंसारी

महाराष्ट्र के ठाणे के रहने वाले अशोक कुमार त्रिपाठी और उनकी अलग रह रहीं पत्नी वैभवी के मिलन का नेपाल में हुई विमान दुर्घटना के साथ ही दर्दनाक अंत हो गया, जिसमें दंपत्ति और उनके दो बच्चों की मौत हो गई। कुछ समय पहले पति और पत्नी के बीच तलाक हो गया। फैमिली कोर्ट ने पति अशोक कुमार त्रिपाठी को साल में एक बार परिवार से मिलने का ऑर्डर दिया। ऑर्डर के अनुसार अशोक 10 दिन के लिए बच्चों के साथ परिवार से मिल सकते थे।अशोक त्रिपाठी का वैभवी बांदेकर से प्रेम विवाह हुआ था। कापुरबावडी पुलिस स्टेशन के सीनियर पीएआई उत्तम सोनवणे के मुताबिक, अशोक और वैभवी का कोर्ट में तलाक का मामला चल रहा था। ओडिशा में एक कंपनी चलाने वाले 54 वर्षीय अशोक त्रिपाठी और ठाणे के पड़ोसी शहर मुंबई में बीकेसी में स्थित एक कंपनी में काम करने वाली 51 वर्षीय वैभवी बांडेकर त्रिपाठी कोर्ट के आदेश के बाद अलग-अलग रहने लगे थे।कोर्ट ने अशोक को बच्चों के साथ साल में दस दिन रहने की अनुमति दी थी। 22 वर्षी धनुष और 18 वर्षीय ऋतिका, दोनों बच्चे वैभवी के साथ रहते थे। इसलिए कोर्ट के फैसले के तहत हर साल पूरे परिवार को 10 दिन साथ बिताने को कहा गया था। इसी के चलते वे सब तीन दिन पहले नेपाल गए थे, सभी नेपाल के पोखरा स्थित एक मंदिर में दर्शन के लिए जा रहे थे। लेकिन रविवार को पूरा परिवार हादसे की चपेट में आ गया।अशोक के 5 भाई-बनहों में वे चौथे नंबर पर थे। उनके घर के बाकी लोग पुणे में रहते हैं। दुर्घटना की जानकारी मिलने के बाद पूरा परिवार देर रात ठाणे पहुंचा था। अशोक के पिता डिस्ट्रिक्ट जज रहे हैं। 11 साल पहले उनका निधन हो चुका है। 2020 में उनकी मां का भी निधन हो गया था। अशोक 26 मई को मुंबई आए थे और यह परिवार यहां से नेपाल के लिए निकला था। बताया जा रहा है कि अशोक के एक चचेरे भाई भी इस ट्रीप पर जाने वाले थे, लेकिन उन्होंने आखिरी वक्त में अपना प्लान बदल लिया था।तो वहीं वैभवी अपनी बिमार मां और बच्चों के साथ तलाक के बाद ठाणे-नासिक हाईवे स्थित रुस्तम जी एथीना में अपने दोनों बच्चों के साथ रह रही थी। बेटा धनुष इंजीनियरिंग ग्रेजुएट और बेटी रितिका स्कूल में है। वैभवी की मां की तबीयत अक्सर खराब रहती है। वो वेंटिलेटर पर हैं और एक केयर टेकर उनकी देखभाल करता है। अपनी मां की देखभाल के लिए वैभवी उनके साथ रह रहीं थी। वैभवी के नेपाल घूमने जाने के बाद उनकी बड़ी बहन संजीवनी अपनी मां की देखभाल करने के लिए गई थीं। बताते चलें तारा एअर के ट्विन ओट्टर 9N-AET विमान ने पोखरा से रविवार सुबह करीब 10 बजे उड़ान भरी थी, लेकिन 15 मिनट के बाद ही विमान का नियंत्रअ टॉवर से संपर्क टूट गया। विमान में इस भारतीय परिवार के साथ-साथ, दो जर्मन और 13 नेपाली नागरिकों सहित कुल 22 लोग सवार थे। कनाडा में निर्मित ये विमान पोखरा से मध्य नेपाल स्थित मशहूर पर्यटक शहर जोमसोक की ओर जा रहा था। मगर अचानक ये विमान लापता हो गया।नेपाल के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के मुताबिक मुस्तांग जिले के थसांग-2 में 14,500 फुट की ऊंचाई पर यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। नेपाल की सेना ने सोमवार को बताया कि रविवार सुबग दुर्घटनाग्रसत हुए यात्री विमान का मलबा उत्तर-पश्चिमिी नेपाल के मुस्तांग जिले के थसांग-2 स्थित सनोसवेयर में मिला। यह विमार करीब 20 घंटे से लापता था।स्थानीय लोगों द्वारा नेपाल सेना को दी गई जानकारी के अनुसार, तारा एयर का विमान मनापति हिमाल के भूस्खलन के चलते लामचे नदी के मुहाने पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। विमान लांखु नदी के उद्गम स्थल के पास पहाड़ी पर दुर्घटनाग्रस्त हुआ और कई हिस्सों में टूटकर बिखर गया। संपादक अमजद खान 7737 37 64 13

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