Jaipur: राजस्थान में प्रचंड गर्मी की शुरूआत के साथ ही पानी की डिमांड तेज होने लगी है. पानी की कम स्रोतों से पूरे राजस्थान की डिमांड पूरी करना जलदाय विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी. वहीं, गर्मियों से निपटने के लिए राज्य सरकार ने पूरी तैयार कर ली है. जल स्त्रौतों में पानी की कमी होने से जलदाय विभाग नलकूप और हैडपंपों पर निर्भर है. हालांकि ये बात सही है कि भूजल का स्तर भी कम है.



गर्मियों को देखते हुए गहलोत सरकार ने बडा फैसला लिया है. सरकार पानी की कमी को देखते हुए हर विधानसभा क्षेत्र में आवश्यकतानुसार 40 हैंडपंप और 10 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे. यानि 200 विधानसभा क्षेत्र में 6000 हैडपंप और 2000 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे. जयपुर जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था अंतर्गत 67 नलकूप और 269 हैण्डपम्पों लगाए जाएंगे, जिसमें से अब तक 42 नलकूप और 268 हैण्डपम्प चालू कर दिए गए है.


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हालांकि, 90 मीटर से अधिक भू-जल स्तर की उपलब्धता वाले क्षेत्रों में हैण्डपम्प का निर्माण किया जाना तकनीकी रूप से व्यवहारिक नहीं है. जयपुर जिले के ऎसे विधानसभा क्षेत्र जहां हैंडपंप का निर्माण व्यवहारिक नहीं है. उन विधानसभा क्षेत्रों में अन्य व्यवस्था के अन्तर्गत 150 और 200 मिलीमीटर व्यास के 184 थ्री-फेज नलकूपों के निर्माण स्वीकृति जारी की जाएगी. इसके विरूद्ध 92 नलकूप अब तक चालू किये गए है.

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